Proning in Hindi : Proning Kaise Kare (Step By Step 2021)

Proning in hindi : जब ऑक्सीजन का स्तर 94 से नीचे आ जाए, तो होम आइसोलेशन में रहते हुए कोविड मरीज को प्रोनिंग करनी चाहिए। प्रोनिंग की यह स्थिति वेंटीलेशन में सुधार करके मरीज की जान तक बचा सकती है.

Proning in hindi

Proning in Hindi

कोविड-19 मरीज जो होम आइसोलेशन में हैं, उन्हें सांस लेने में तकलीफ हो सकती है । देश में कोविद्ध 19 मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। यदि मरीज को सांस लेने में दिक्कत हो तो यह प्रोनिंग का तरीका अपना सकते हैं। होम आइसोलेशन में रहने वाले मरीजों के लिए प्रोनिंग काफी मददगार है, इससे आईसीयू में रहने वाले मरीजों में अच्छे नतीजे देखने को मिले हैं.

Proning Kaise Kare : Step By Step

जिन मरीजों को सांस लेने में परेशानी हो रही है और जो घर में रहकर इलाज कर रहे हैं, उनके लिए प्रोनिंग के तरीके सुझाए गए हैं। दरअसल प्रोनिंग कोरोना मरीजों के लिए बहुत अच्छा तरीका है। होम आइसोलेशन में रहते हुए अगर मरीज इसे कर ले तो अपने ऑक्सीजन लेवल में सुधार कर सकता है.

Proning Krne Ke Fayde : Proning in hindi

प्रोनिंग की पोजीशन सांस लेने में आराम और ऑक्सीकरण में सुधार करने के लिए मेडिकली प्रूव्ड है। इसमें मरीज को पेट के बल लिटाया जाता है। यह प्रक्रिया 30 मिनट से दो घंटे की होती है। इसे करने से फेफड़ों में रक्त का संचार बेहतर होता है, जिससे ऑक्सीजन फेफड़ों में आसानी से पहुंचती है और फेंफड़े अच्छे से काम करने लगते । ऑक्सीजनेशन में इस प्रक्रिया को 80 प्रतिशत तक सफल माना जा रहा है ।

Proning Ki Steps : कैसे करें प्रोनिंग

  • प्रोगिंग के लिए लगभग चार से पांच तकियों की जरूरत होती है.
  • सबसे पहले रोगी को बिस्तर पर पेट के बल लिटाए.
  • एक तकिया गर्दन के नीचे सामने से रखें.
  • फिर एक या दो तकिए गर्दन, छाती और पेट के नीचे बराबर में रखें.
  • बाकी के दो तकियों को पैर के पंजों के नीचे दबाकर रख सकते हैं। ध्यान रखें इस दौरान कोविड रोगी को गहरी और लंबी सांस लेते रहना है.

Proning kaise kare


How to Proning at home


30 मिनट से लेकर करीब दो घंटे तक इस स्थिति में रहने से मरीज को बहुत आराम मिलता है। लेकिन 30 मिनट से दो घंटे के बीच गरीज की पोजीशन बदलना जरूरी है। इस दौरान मरीज को दाई और बाई करवट लिटा सकते हैं.

Proning In hindi : ध्यान रखने योग्य बाते

  1. खाने के तुरन्त बाद प्रोनिंग करने से बचें.
  2. इसे 16 घंटों तक रोजाना कई चकों में कर सकते हैं, इससे बहुत आराम मिलेगा.
  3. इस प्रक्रिया को करते समय घावों और चोट को ध्यान में रखें.
  4. दबाव क्षेत्रों को बदलने और आराम देने के लिए तकियों को एडजस्ट करें.

प्रोनिंग कब नहीं करनी चाहिए : Avoid Proning

  • गर्भावस्था में महिला का प्रोनिंग करने से बचना चाहिए.
  • गंभीर कार्डियक स्थिति में प्रोनिंग से बचें.
  • यदि स्पाईन से जुड़ी कोई परेशानी हो या फिर पेल्विक फैक्चर हो, तो प्रोनिंग करने से नुकसान हो सकता है.
  • भोजन करने के तुरन्त बाद प्रोनिंग की प्रक्रिया से बचें.

Proning in Hindi : ये थी Proning से जुड़ी कुछ सामान्य जानकारी जिसको फ़ॉलो करके आप आसानी से अपने Oxgyen Level को काफी हद तक Improve कर सकते है.

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